अजब गजब

तमिलनाडु में है यह अनोखा मंदिर, सीढ़ियों पर कदम रखते ही बजता है मधुर संगीत

 

हमारे भारत देश का ऐतिहासिक महत्व बहुत ज्यादा है। यहां पर कई ऐसी जगहें मौजूद है जिनके बारे में अधिकतर लोगों को जानकारी नहीं है। कई ऐसी जगहें हैं जिनके बारे में जान कर लोग अक्सर चकित हो जाते हैं। इन्ही जगहों में कई मंदिर भी शामिल है। आज हम आपको जानकारी देंगे ऐसे ही एक मंदिर के बारे में। यह मंदिर किसी और का नहीं बल्कि स्वयं भगवान शिव का है। यह एक शिव मंदिर है जिसके बारे में यह बात प्रसिद्ध है की यहां पर जब आप इस मंदिर की सीढ़ियों पर चढ़ने लगते हैं तो आपको उस वक्त एक काफी सुरीली ध्वनि सुनाई देगी जो इसे पूरी दुनिया से अलग बनाती है। आइए जानते है इसके पीछे का कारण क्या है और क्या है इस मंदिर का इतिहास

आज जिस ऐतिहासिक शिव मंदिर की बात हो रही है उसका नाम है, ऐरावतेश्वर मंदिर (Airavatesvara Temple)। यह मंदिर तमिलनाडु (Tamilnadu) के कुंभकोणम से लगभग 3 किलोमीटर की दूरी पर मौजुद है और यहां शिव जी की पूजा अर्चना होती है। इस मंदिर को  12वीं शताब्दी में राजा राज चोल द्वितीय ने तैयार करवाया था। इस मंदिर का नाम ऐरावतेश्वर मंदिर, ऐरावत हांथी के नाम पर ही रखा गया है। ऐरावत हांथी भगवान इंद्र की सवारी है। इसके बारे में मान्यता यह है कि इस जगह पर ही ऐरावत हांथी ने भगवान शिव कि अराधना की थी और इसे शिव जी के दर्शन हुए थे, इसके बाद से ही इस जगह पर मौजूद इस मन्दिर का नाम ऐरावतेश्वर मंदिर रख दिया गया है।

इसकी सीढ़ियों पर बजने वाले संगीत का रहस्य यह है कि इन सभी सीढ़ियों को एक अलग तरह के पत्थर से तैयार किया गया है, जिसके ऊपर कदम रखते ही यह सुरीली ध्वनि निकलती है। कोई भी श्रद्धालु यहां आसानी से बस, ट्रेन या फिर हवाई मार्ग के द्वारा आसानी से आ सकता है और यहां के इस पावन वातावरण का आनंद ले सकता है और यहां पर मौजूद भगवान शिव के इस ऐतिहासिक मंदिर में दर्शन कर सकता है।

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