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मात्र 50 रुपये के लिए शुरू किया था काम, आज विदेश तक बिकती हैं इस गृहिणी की बैम्बू राखियाँ

पूरी दुनिया अब पर्यावरण की सुरक्षा की ओर अधिक ध्यान देती दिखाई दे रही है और इसी क्रम में महाराष्ट्र के चंद्रपुर की रहने वाली मीनाक्षी वाल्के ने बांस की राखियां बना कर बेचने का काम कर रही हैं। यह बिज़नेस वह पिछले चार वर्ष से सफलता पूर्वक कर रही हैं और अब लोग उन्हें बंबू लेडी कह कर पुकारते हैं। उन्होंने अपने घर को संभालने के लिए यह काम शुरू किया और अच्छा चला भी पर 2018 में डिलिवरी के दौरान उनकी पुत्री की मृत्यु हो गई जिसका कारण उन्हें अपना काम ही लगा और उन्होने इसे कुछ समय के लिए बंद कर दिया पर अपने पति की हैसलाफजाई के बाद उन्होंने दोगुनी मेहनत से अपना यह काम दुबारा शुरू किया।

उन्हें घर पर बैठे बैठे ही काफी ऑर्डर आने लगे। और एक बंबू मेले में शिरकत करने के बाद उन्हें इस धंधे का असली अंदाजा लगा और उन्होंने और मेहनत करनी शुरू की। उस वक्त तक वह राखियां नही बनाती थी और बस बंबू की साधारण कारीगरी कर के चीजें बना कर बेचा करती थी। जब उन्होंने राखियां बनानी शुरू की तो वो शुरुआत में कुछ खास बिकी नही पर थोड़ी मेहनत के बाद यहां भी उन्हें सफलता मिल ही गई। और बीते साल इन्ही राखियों को लंदन में बेच कर उन्होंने पूरे 3 लाख रुपए की कमाई की है।

अब तो उनका यह धंधा इतना खूब चलता है कि वह इससे अच्छी खासी मोटी आमदनी कर लेती है। यहां तक उनके पति भी अब नौकरी छोड़ कर उनके इस धंधे में ही उनकी मदद करने में जुट चुके हैं। अब तक वह अपने जैसे ही कुल 200 से अधिक महिलाओं को रोजगार देने में सक्षम भी हो चुकी हैं और उनका लक्षय भविष्य में ऐसी ही और महिलाओं को रोजगार देना और पूरे विश्व में अपनी राखियां पहुंचना है।

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