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पढ़ाई या प्यार एक विद्यार्थी के लिए कौन सबसे जरूरी है

हर विद्यार्थी के जीवन में एक ऐसा समय आता है जब उसे लगता है कि हमें पढ़ाई करना चाहिए या प्यार करना चाहिए। आज के के इस पोस्ट में हम आपको यही बताने वाले हैं कि एक विद्यार्थी के जीवन में कौन सबसे ज्यादा महत्व रखता है पढ़ाई या फिर किसी लड़की से प्रेम।

बहुत से विद्यार्थी पढ़ाई को तो नहीं छोड़ सकते हैं इसलिए वे पढ़ाई और अपना प्रेम कहानी को साथ-साथ चलाने की कोशिश करते हैं। लेकिन क्या ऐसा करना सही है और अगर सही है तो वह कितना हद तक सही है। आज हम इन्हीं सभी का जवाब देने की कोशिश करेंगे ।और सभी विद्यार्थियों का उचित मार्गदर्शन भी करने की कोशिश करेंगे। इसलिए आप इस पोस्ट को पूरा लास्ट तक पढ़े और अगर आपको कुछ समझ में नहीं आया या फिर आपको कुछ दुविधा है तो आप कमेंट जरुर करें।

प्रेम क्यों जरूरी है

प्रेम हमारे जीवन का एक अभिन्न अंग है। इसके बिना हम अपने जीवन की कल्पना भी नहीं कर सकते हैं ।जब एक लड़का और लड़की व्यस्क होने लगते हैं तो उनमें आकर्षण होने लगती है जिसके कारण वह एक दूसरे के प्रेम में पड़ जाते हैं। यह आकर्षण पृथ्वी में मनुष्य के उतपत्ति का एक बहुत ही जरूरी कारण है। इसी आकर्षण की वजह से हम और आप हैं। इसलिए प्रेम हमारे जीवन में बहुत ही जरूरी अनुभव है इसके बिना जीवन अधूरा है।

पढ़ाई क्यों जरूरी है

पढ़ाई क्यों जरूरी है यह तो आप सभी विद्यार्थी अच्छे से जानते हैं। बिना पढ़ाई के जीवन में आप अपने लक्ष्य तक शायद नहीं पहुंच सकते हैं। इसलिए अगर आपको अपने लक्ष्य तक पहुंचना है तो उसका रास्ता पढ़ाई से होकर गुजरता है। जितने भी अमीर लोग हुए हैं जैसे कि बिल गेट,एलोन मस्क स्टीव जॉब्स, मार्क जुकरबर्ग, अनिल अंबानी, मुकेश अंबानी यह सब पढ़ाई में बहुत ही अच्छे थे । इन्होंने अपने पढ़ाई पर पूरा ध्यान दिया था।

आप यह कह सकते हैं कि मार्क जुकरबर्ग एक कॉलेज ड्रॉपआउट थे। लेकिन आप यह भी याद रखें कि वह कॉलेज से ड्रॉपआउट तभी हुए थे जब उन्होंने देखा कि उनका फेसबुक बहुत ही अच्छा तरक्की कर रहा है। इसलिए आप ड्रॉपआउट करने की सोचे भी नहीं।

पढ़ाई या प्यार ?

चलिए अब हम जानते हैं कि एक विद्यार्थी के जीवन में कौन सा सबसे जरूरी चीज है क्या वह जरूरी चीज प्यार है । या फिर वह पढ़ाई है।

यह जीवन एक सीढ़ी की तरह है। जिसमें हम छलांग नहीं लगा सकते हैं अगर हम छलांग लगाएंगे तो हम अपने जीवन के कुछ जरूरी अनुभव को नहीं जान पाएंगे। इसलिए यह जरूरी है कि हम सीढ़ी के सभी पहलुओं पर कदम रखे। पहले हम बच्चे थे उस समय हमारे लिए खेलकूद बहुत जरूरी था। उसके बाद धीरे-धीरे हम बड़े हुए अब हमारे लिए पढ़ाई करना बहुत ही जरूरी है। पढ़ाई करने के बाद तीसरा है नौकरी करना। नौकरी करने के बाद चौथा है प्रेम करना अगर हम पढ़ाई करनी को छोड़कर और नौकरी को छोड़ कर सीधा प्रेम करेंगे तो यह हमारे लिए बहुत ही बुरा सिद्ध हो सकता है। इसलिए यह बहुत ही जरूरी है कि हम अपने पढ़ाई पर पूरा फोकस करें और इन सब चीजों से दूर ही रहे तो बेहतर है।

प्रेम मात्र आकर्षण का खेल है

हम सभी युवा विद्यार्थियों के जीवन में एक ऐसा समय आता है जब हमें विपरीत लिंग के प्रति आकर्षण होने लगता है। हम विद्यार्थी जिसे प्रेम कहने लगते हैं। लेकिन यह प्रेम नहीं होता है यह मात्र आकर्षण का एक खेल होता है। इसलिए हमें इसके प्रति ज्यादा ध्यान नहीं देना चाहिए। क्योंकि जैसे-जैसे हम युवा होते जाएंगे हमारे जीवन में ऐसे आकर्षण आते और जाते रहेंगे। इसलिए इनके पीछे पढ़कर हमें अपने विद्यार्थी जीवन के अमूल्य समय को बर्बाद नहीं करना चाहिए नहीं तो बाद में हमें बहुत ही ज्यादा पछताना पड़ सकता है।

अगर आप जीवन में असफल हुए, यानी कि प्रेम में पढ़कर आप पढ़ाई में ध्यान नहीं दे पाए जिसके कारण अगर आपको अच्छी नौकरी नहीं मिल पाई तो आपकी वह प्रेमिका भी आपसे शादी नहीं करेगी जिसकी वजह से आप इस हालत पर पहुंचे हैं।

इसलिए यह बहुत ही जरूरी है कि आप अपने पढ़ाई पर फोकस करे। इन सब चीजों से दूर ही रहे तो बेहतर होगा। क्योंकि यह सब चीजें बस छोटे समय के लिए हमारे जीवन में आती है और पूरे जीवन को प्रभावित करने की क्षमता रखती है। अगर आप अपने विद्यार्थी जीवन को अच्छे से नहीं पूरा कर पाते हैं तो जीवन भर आपको इसका कीमत चुकाना पड़ सकता है।

इसलिए हमारे जीवन में प्रेम तो बहुत जरूरी है लेकिन सभी चीजें समय से हो तो बेहतर होता है। अभी विद्यार्थी जीवन में हमारे लिए पढ़ाई सबसे जरूरी है। इसलिए पहले पढ़ाई को पूरा करें उसके बाद ही प्रेम करें “जिंदगी जीने की इतनी जल्दी भी क्या है”।

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